इस बार का महाकुंभ हर मायने में अद्वितीय है। वास्तव में आस्था का महासमुद्र उमड़ पड़ा। इतनी बड़ी व्यवस्था को संभाल पाना किसी सरकार अथवा मनुष्य की शक्ति के बाहर है।
इस बार का महाकुंभ हर मायने में अद्वितीय है। वास्तव में आस्था का महासमुद्र उमड़ पड़ा। इतनी बड़ी व्यवस्था को संभाल पाना किसी सरकार अथवा मनुष्य की शक्ति के बाहर है।