जॉन अब्राहम खूब पढ़ते हैं। फिल्मों की पटकथाएं पढ़ना तो खैर उनका काम ही है। लेकिन, इनमें से भी जिनमें वह खुद को फिट नहीं पाते हैं तो कभी आयुष्मान तो कभी हर्षवर्धन को हीरो बना देते हैं।
जॉन अब्राहम खूब पढ़ते हैं। फिल्मों की पटकथाएं पढ़ना तो खैर उनका काम ही है। लेकिन, इनमें से भी जिनमें वह खुद को फिट नहीं पाते हैं तो कभी आयुष्मान तो कभी हर्षवर्धन को हीरो बना देते हैं।