याद करिए नब्बे का वह दशक… जब तराई के जिलों का कोना-कोना खालिस्तान समर्थक आतंकियों से थर्राता था। तकरीबन तीन दशक बाद वैसी दहशत तो नहीं, पर खालिस्तानी आतंकियों के लिए ये इलाका सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है।
याद करिए नब्बे का वह दशक… जब तराई के जिलों का कोना-कोना खालिस्तान समर्थक आतंकियों से थर्राता था। तकरीबन तीन दशक बाद वैसी दहशत तो नहीं, पर खालिस्तानी आतंकियों के लिए ये इलाका सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है।