किश्तवाड़ के चिशोती में बादल फटने के बाद मलबे में लगभग 30 घंटे दबे लंगर संचालक सुभाष चंद्र को बचाया गया, जिसे स्थानीय लोग मचैल माता की कृपा मान रहे हैं। इस त्रासदी में अब तक 60 लोग मारे गए और कई लापता हैं, जबकि बचाव कार्य जारी है।
किश्तवाड़ के चिशोती में बादल फटने के बाद मलबे में लगभग 30 घंटे दबे लंगर संचालक सुभाष चंद्र को बचाया गया, जिसे स्थानीय लोग मचैल माता की कृपा मान रहे हैं। इस त्रासदी में अब तक 60 लोग मारे गए और कई लापता हैं, जबकि बचाव कार्य जारी है।