अफगानिस्तान का यह फैसला खेल से ऊपर उठकर एक राष्ट्रीय गरिमा और संवेदना का प्रतीक बन गया है। राशिद खान, नबी और फारूकी जैसे खिलाड़ियों की आवाज से स्पष्ट है कि अफगानिस्तान अब केवल मैदान पर नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ भी मजबूती से खड़ा है।
अफगानिस्तान का यह फैसला खेल से ऊपर उठकर एक राष्ट्रीय गरिमा और संवेदना का प्रतीक बन गया है। राशिद खान, नबी और फारूकी जैसे खिलाड़ियों की आवाज से स्पष्ट है कि अफगानिस्तान अब केवल मैदान पर नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ भी मजबूती से खड़ा है।