अधिवक्ता मनीष जैन ने बिना किसी फीस के हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक हरीश राणा का केस लड़ा। वह कहते हैं कि यह मेरी जीत नहीं, बल्कि उन माता-पिता की जीत है, जो अपने जिगर के टुकड़े के लिए 13 वर्षों तक संघर्ष करते रहे।
अधिवक्ता मनीष जैन ने बिना किसी फीस के हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक हरीश राणा का केस लड़ा। वह कहते हैं कि यह मेरी जीत नहीं, बल्कि उन माता-पिता की जीत है, जो अपने जिगर के टुकड़े के लिए 13 वर्षों तक संघर्ष करते रहे।