घर से हजारों किलोमीटर दूर प्रवासी रोजी-रोटी की जुगाड़ में निकले थे। अब एलपीजी किल्लत से उनके खाने पर ही संकट छा गया। इससे प्रवासी मजदूर अब बोल रहे, आ अब लौट चलें।
घर से हजारों किलोमीटर दूर प्रवासी रोजी-रोटी की जुगाड़ में निकले थे। अब एलपीजी किल्लत से उनके खाने पर ही संकट छा गया। इससे प्रवासी मजदूर अब बोल रहे, आ अब लौट चलें।