धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर एएसआई ने नई प्रशासनिक व्यवस्था जारी की है। अब परिसर को “राजा भोज द्वारा स्थापित भोजशाला एवं संस्कृत पाठशाला” के रूप में संबोधित किया जाएगा और हिंदू समाज को सालभर पूजा-अर्चना की अनुमति दिए जाने का दावा किया गया है।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर एएसआई ने नई प्रशासनिक व्यवस्था जारी की है। अब परिसर को “राजा भोज द्वारा स्थापित भोजशाला एवं संस्कृत पाठशाला” के रूप में संबोधित किया जाएगा और हिंदू समाज को सालभर पूजा-अर्चना की अनुमति दिए जाने का दावा किया गया है।