मनोज कुमार को जब तक होश रहा, वह अखबार रोज पढ़ते रहे। टेलीविजन देखना उन्होंने कई साल पहले ही पूरी तरह बंद कर दिया था। अखबार में भी वह राजनीति से जुड़ी खबरें ही पढ़ते रहे।
मनोज कुमार को जब तक होश रहा, वह अखबार रोज पढ़ते रहे। टेलीविजन देखना उन्होंने कई साल पहले ही पूरी तरह बंद कर दिया था। अखबार में भी वह राजनीति से जुड़ी खबरें ही पढ़ते रहे।