सिनेमा समाज का दर्पण है, ये वाक्य अनगिनत बार फिल्मों पर लिखे गए आलेखों में दोहराया जा चुका है। इधर लोग अपना चेहरा अपने मोबाइल का कैमरा फ्लिप करके भी देखने लगे हैं।
सिनेमा समाज का दर्पण है, ये वाक्य अनगिनत बार फिल्मों पर लिखे गए आलेखों में दोहराया जा चुका है। इधर लोग अपना चेहरा अपने मोबाइल का कैमरा फ्लिप करके भी देखने लगे हैं।