पीठ ने कहा, विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक राज्यपाल के समक्ष पेश किए जाने पर राज्यपाल के पास अनुच्छेद 200 के तहत तीन विकल्प होंगे। पहला इसे स्वीकृति दें। दूसरा स्वीकृति रोकें और तीसरा राष्ट्रपति के विचार के लिए विधेयक को सुरक्षित रख लें।
पीठ ने कहा, विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक राज्यपाल के समक्ष पेश किए जाने पर राज्यपाल के पास अनुच्छेद 200 के तहत तीन विकल्प होंगे। पहला इसे स्वीकृति दें। दूसरा स्वीकृति रोकें और तीसरा राष्ट्रपति के विचार के लिए विधेयक को सुरक्षित रख लें।