अपने आखिरी टेस्ट से पहले उस्मान ख्वाजा ने नस्लीय स्टीरियोटाइप्स, दोहरे मापदंड और क्रिकेट सिस्टम की चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि हालात बेहतर हुए हैं, लेकिन लड़ाई अभी बाकी है।
अपने आखिरी टेस्ट से पहले उस्मान ख्वाजा ने नस्लीय स्टीरियोटाइप्स, दोहरे मापदंड और क्रिकेट सिस्टम की चुनौतियों पर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि हालात बेहतर हुए हैं, लेकिन लड़ाई अभी बाकी है।