मुजफ्फरनगर के शाहपुर के गांव बसी कलां में भाभी फिरदौस की ओर से रोजाना की जा रही टोका-टाकी ने ननद माना को नफरत से भर दिया। भाभी के परिवार के खात्मे की एक महीने तक साजिश रचती रही।
मुजफ्फरनगर के शाहपुर के गांव बसी कलां में भाभी फिरदौस की ओर से रोजाना की जा रही टोका-टाकी ने ननद माना को नफरत से भर दिया। भाभी के परिवार के खात्मे की एक महीने तक साजिश रचती रही।